सोशल मीडिया पर ‘लिम्फैटिक वॉकिंग’ को शरीर से टॉक्सिन निकालने, सूजन कम करने और वजन घटाने के एक आसान तरीके के रूप में पेश किया जा रहा है। इस तकनीक में सामान्य वॉकिंग के साथ सही पोश्चर, गहरी सांस और हाथों की गति पर ध्यान दिया जाता है। देखने में यह आसान फिटनेस रूटीन है, लेकिन इसके बारे में किए जा रहे सभी दावे वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हैं।
लिम्फैटिक सिस्टम वास्तव में शरीर में तरल संतुलन और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण है। यह ऊतकों से लिम्फ फ्लूइड को वापस रक्त प्रवाह तक पहुंचाने में मदद करता है। शारीरिक गतिविधि इस प्राकृतिक प्रक्रिया को सहयोग दे सकती है। हालांकि, स्वस्थ लोगों को विशेष ‘लिम्फैटिक वॉकिंग’ की जरूरत है या यह सामान्य वॉकिंग से ज्यादा प्रभावी है, इसके ठोस प्रमाण नहीं हैं।
दावा 1: लिम्फैटिक वॉकिंग से शरीर डिटॉक्स होता है
सच्चाई: लिम्फैटिक सिस्टम शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली का हिस्सा है और प्रतिरक्षा तथा तरल संतुलन में भूमिका निभाता है। लेकिन यह दावा कि किसी खास वॉकिंग तकनीक से शरीर के सभी टॉक्सिन तेजी से निकल जाते हैं, पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाणों से समर्थित नहीं है। सामान्य शारीरिक गतिविधि को स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है, लेकिन इसे चमत्कारी डिटॉक्स प्रक्रिया नहीं कहना चाहिए।
दावा 2: इससे सूजन और ब्लोटिंग जरूर कम होगी
सच्चाई: नियमित चलना और मांसपेशियों को सक्रिय रखना कुछ स्थितियों में फ्लूइड के सामान्य प्रवाह में मदद कर सकता है। लेकिन ब्लोटिंग और सूजन के कारण अलग-अलग हो सकते हैं। पेट फूलने का संबंध पाचन से भी हो सकता है, जबकि हाथ-पैरों में सूजन किसी चिकित्सकीय समस्या का संकेत हो सकती है। इसलिए हर व्यक्ति को इस वॉकिंग से सूजन में राहत मिलेगी, ऐसा नहीं कहा जा सकता।
दावा 3: इससे तेजी से वजन घटेगा
सच्चाई: वॉकिंग से शारीरिक गतिविधि और कैलोरी खर्च बढ़ सकता है, जो वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है। लेकिन लिम्फैटिक वॉकिंग शरीर की चर्बी को सीधे कम नहीं करती। यदि किसी व्यक्ति की सूजन फ्लूइड जमा होने के कारण है, तो उसका कम होना वजन में अस्थायी बदलाव दिखा सकता है; यह शरीर की चर्बी घटने के समान नहीं है।
कैसे करें यह वॉकिंग?
आरामदायक जूते पहनें और समतल जगह पर सामान्य गति से चलना शुरू करें। पीठ सीधी रखें, कंधों को ढीला छोड़ें और सांस सहज रखें। हाथों को स्वाभाविक रूप से स्विंग होने दें। शुरुआत 10–15 मिनट से करें और धीरे-धीरे अपनी क्षमता के अनुसार समय बढ़ाएं।
यदि पहले से कोई बीमारी है या लगातार सूजन रहती है, तो नया व्यायाम शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। बिना स्पष्ट कारण होने वाली सूजन की जांच जरूरी है।
लिम्फैटिक वॉकिंग को सामान्य वॉकिंग का एक तरीका समझना बेहतर है। इसका सबसे व्यावहारिक फायदा नियमित चलने की आदत विकसित करना हो सकता है, न कि शरीर को तुरंत डिटॉक्स या तेजी से पतला करना।

