ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को सुख-सुविधा, प्रेम, सौंदर्य, ऐश्वर्य और भौतिक संपन्नता का कारक ग्रह माना जाता है। अक्टूबर में शुक्र का राशि परिवर्तन होने वाला है। 20 अक्टूबर को शुक्र अपनी ही राशि तुला में प्रवेश करेंगे।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शुक्र का अपनी राशि में गोचर कई राशियों के लिए अनुकूल माना जा सकता है। इस दौरान बुध के साथ शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही शुक्र के तुला राशि में होने के कारण मालव्य राजयोग बनने की स्थिति भी बताई जा रही है।
मालव्य योग को लेकर ज्योतिष में कुछ विशेष शर्तें बताई गई हैं। जब शुक्र अपनी राशि या उच्च राशि में रहते हुए कुंडली के प्रथम, चतुर्थ, सप्तम या दशम भाव में स्थित हों, तब मालव्य राजयोग बनता है। ज्योतिषीय मान्यता है कि इस योग के प्रभाव से सुख-सुविधा, धन-दौलत और ऐश्वर्य से जुड़े अवसर मिल सकते हैं। हालांकि वास्तविक फल व्यक्ति की जन्मकुंडली और ग्रहों की स्थिति के आधार पर अलग-अलग माना जाता है।
