
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में हुए हमलों के बाद भारत सरकार ने समुद्र में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया है। ‘Seafarer-First’ पहल के तहत अब फारस की खाड़ी, हॉर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में मौजूद हर भारतीय नाविक की निगरानी की जाएगी, चाहे वह किसी भी देश के जहाज पर तैनात हो।
यह घोषणा उस घटना के बाद हुई है जिसमें दो अमीराती तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला हुआ। इस हमले में भारतीय नाविक रोहन कुमार की जान चली गई, जबकि कई अन्य भारतीय घायल हो गए।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने DGS को निर्देश दिया है कि वह ऐसा डैशबोर्ड तैयार करे जो सभी जहाजों और उन पर मौजूद भारतीय चालक दल की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध कराए। इसमें जहाज की स्थिति, यात्रा, चालक दल और सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां शामिल होंगी।
सरकार ने भारतीय नौसेना, विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशनों के साथ मिलकर चौबीसों घंटे समन्वय बनाए रखने और प्रभावित नाविकों व उनके परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भी भरोसा दिलाया है।
