वैश्विक तेल बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां संयुक्त राज्य अमेरिका ने रूसी तेल पर अपनी सख्त पाबंदियों में अचानक नरमी दिखाते हुए छूट की अवधि बढ़ा दी है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से अब 16 मई 2026 तक कई देश, जिनमें भारत भी शामिल है, रूसी तेल खरीद सकेंगे।
इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम हो गई है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक अस्थायी राहत है और आने वाले समय में नीति में फिर बदलाव हो सकता है।
अमेरिका का यह कदम वैश्विक ऊर्जा संतुलन बनाए रखने और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण पाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

