
दिल्ली हाईकोर्ट ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार को रोजाना मेडिकल जांच कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि यदि डॉक्टरों की राय में किसी तरह के इलाज की जरूरत हो तो सरकार तुरंत चिकित्सा हस्तक्षेप करे।
सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से बताया गया कि सरकारी डॉक्टर लगातार वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। इस पर अदालत ने कहा कि हर नागरिक का जीवन महत्वपूर्ण है और उसकी रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
यह मामला जनहित याचिका के जरिए अदालत पहुंचा था, जिसमें वांगचुक को अस्पताल ले जाकर उचित इलाज देने की मांग की गई थी। कोर्ट ने सरकार के आश्वासन के बाद मामले का निस्तारण कर दिया।
