अमेरिका में बजट पर सहमति न बन पाने की वजह से 1 अक्टूबर 2025 से शटडाउन लागू हो गया है। इससे लाखों कर्मचारियों पर संकट गहरा गया है।
कांग्रेसनल बजट ऑफिस के अनुसार, करीब 7,50,000 फेडरल वर्कर्स प्रभावित होंगे। इनमें से कई को “फर्लो” यानी बिना वेतन छुट्टी पर भेजा जाएगा। वहीं जो “essential staff” हैं, उन्हें काम करना पड़ेगा, लेकिन सैलरी बाद में दी जाएगी।
महत्वपूर्ण विभाग जैसे रक्षा, पुलिस, एयर ट्रैफिक और इमरजेंसी सेवाएँ सक्रिय रहेंगी। लेकिन अन्य कई मंत्रालयों और एजेंसियों का काम ठप हो जाएगा।
सबसे गंभीर बात यह है कि ट्रंप प्रशासन ने विभागों को पहले ही चेतावनी दे दी थी कि वे mass layoffs (बड़ी छंटनी) की तैयारी कर लें। इसका मतलब है कि लाखों कर्मचारियों की नौकरी पर स्थायी खतरा मंडरा रहा है।
लेबर यूनियनों ने इसे कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए सरकार पर केस कर दिया है और कहा है कि यह कदम ग़ैरक़ानूनी और असंवैधानिक है।

