भारत ने एक बार फिर से समुद्री शक्ति को पुनः स्थापित करने के लिए बड़ा दांव खेला है। सरकार ने ₹70,000 करोड़ का मेगा पैकेज लाने का फैसला किया है, जिसमें जहाज निर्माण, बंदरगाह विकास और समुद्री उद्योग से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
योजना के तहत तीन बड़े स्कीम लागू होंगे –
जहाज निर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए वित्तीय सहायता योजना
मैरिटाइम डेवलपमेंट फंड, जिसके जरिए शिपिंग उद्योग को कम लागत पर दीर्घकालिक वित्त मिलेगा
शिपबिल्डिंग डेवलपमेंट स्कीम, जो नए क्लस्टर्स और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर आधारित होगी
इन परियोजनाओं से भारत का उद्देश्य न केवल विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम करना है, बल्कि घरेलू जहाज निर्माण और बंदरगाह क्षमता को बढ़ाकर वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करना भी है।

