फिल्म धुरंधर 2 पर लगे 21 कट ने एक बार फिर सेंसरशिप और क्रिएटिव फ्रीडम के बीच बहस को हवा दे दी है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म को पास करने से पहले कई सीन हटाने या एडिट करने के निर्देश दिए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म में अत्यधिक हिंसा और खून-खराबे वाले सीन शामिल थे, जिन्हें बोर्ड ने आम दर्शकों के लिए अनुपयुक्त माना। इसके चलते फिल्म को A सर्टिफिकेट दिया गया।
फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या सेंसर बोर्ड को कंटेंट में इतना हस्तक्षेप करना चाहिए या फिर फिल्म निर्माताओं को अपनी रचनात्मक आजादी मिलनी चाहिए। ‘धुरंधर 2’ का मामला इसी बहस का ताजा उदाहरण बनकर सामने आया है।
फिलहाल, सभी बदलावों के बाद फिल्म रिलीज के लिए तैयार है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक इसे किस तरह से स्वीकार करते हैं।

