भारत की विदेश नीति को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी 2026 से इजरायल के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे। इस यात्रा को पश्चिम एशिया में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता और वैश्विक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान इजरायल की संसद को संबोधित करेंगे। उनके भाषण में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, क्षेत्रीय स्थिरता, व्यापार सहयोग और तकनीकी विकास जैसे मुद्दों पर जोर रहने की उम्मीद है।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिलने की संभावना है।
हालांकि प्रधानमंत्री के प्रस्तावित संबोधन को लेकर इजरायल की राजनीति में हलचल देखी जा रही है और विपक्ष ने बहिष्कार की चेतावनी दी है। इसके बावजूद यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

