राष्ट्रीय सुरक्षा पर गहन मंथन: राष्ट्रपति मुर्मू ने चाणक्य रक्षा संवाद 2025 का शुभारंभ किया, दो राज्यों का कार्यक्रम भी तय

दिल्ली की राजनीतिक और सामरिक हलचल के बीच आज एक महत्वपूर्ण क्षण दर्ज हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजधानी में तीसरे चाणक्य रक्षा संवाद 2025 का उद्घाटन किया—एक ऐसा मंच जो भारत के सुरक्षा भविष्य की दिशा तय करने वाले विचारों को एक साथ लाता है।
इस संवाद में देश-विदेश के रक्षा विशेषज्ञों, सैन्य विश्लेषकों और नीति-निर्माताओं ने हिस्सा लिया। यहां आधुनिक युद्ध तकनीक से लेकर भारत की समुद्री सुरक्षा, वैश्विक शक्ति संतुलन, इंडो-पैसिफिक रणनीति और साइबर खतरों पर गहन चर्चा की जानी है। अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे सुधारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाएँ आधुनिक खतरों से निपटने के लिए न केवल सक्षम हैं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा में योगदान देने को भी तैयार हैं।
दिल्ली में उद्घाटन कार्यक्रम पूरा करने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू अपने राज्यों के अहम कार्यक्रमों के लिए निकल पड़ीं। उनका यह दो दिवसीय दौरा ओडिशा और उत्तर प्रदेश को कवर करेगा। ओडिशा में वे सांस्कृतिक और विकासात्मक गतिविधियों में शामिल होंगी, जबकि उत्तर प्रदेश में वह विभिन्न सरकारी योजनाओं की समीक्षा और स्थानीय कार्यक्रमों का निरीक्षण करेंगी। यह यात्रा केंद्र व राज्य सरकारों की प्राथमिकताओं को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




