नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इनमें आठवें दिन मां महागौरी की आराधना का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन भक्त देवी को भोग अर्पित करते हैं और कन्या पूजन करते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, राशि के आधार पर मां महागौरी को अलग-अलग चीजों का भोग चढ़ाना शुभ माना जाता है।
इस वर्ष दुर्गा अष्टमी 19 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 8:27 बजे शुरू होकर 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, 19 अक्टूबर को मां महागौरी की पूजा की जाएगी।
12 राशियों के लिए भोग के विकल्प
| राशि | मां महागौरी को अर्पित किया जाने वाला भोग |
|---|---|
| मेष | लाल गुड़ या लाल मिठाई |
| वृषभ | सफेद बर्फी या सफेद मिठाई |
| मिथुन | पेठा |
| कर्क | नारियल के टुकड़े या सफेद मिठाई |
| सिंह | गुड़ की मिठाई या हलवा |
| कन्या | खीर या सूजी का हलवा |
| तुला | मखाना या सफेद मिठाई |
| वृश्चिक | लाल चना और गुड़ |
| धनु | केसरिया हलवा या चने की दाल का हलवा |
| मकर | काले तिल की मिठाई या नारियल |
| कुंभ | तिल से बनी मिठाई |
| मीन | केसरयुक्त खीर या पीले चावल |
कन्या पूजन का भी है विशेष महत्व
दुर्गा अष्टमी के दिन कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर पूजन करने की परंपरा है। भक्त कन्याओं को भोजन कराते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार उपहार देते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और मां महागौरी को भोग अर्पित करने से देवी का आशीर्वाद मिलता है।
हालांकि, राशि के अनुसार भोग की सूची ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है, कोई अनिवार्य धार्मिक नियम नहीं। भक्त अपनी श्रद्धा, पारिवारिक परंपरा और उपलब्ध सामग्री के अनुसार भी माता को प्रसाद अर्पित कर सकते हैं।

