फास्ट फूड, तनाव, धूम्रपान और नींद की कमी से बढ़ रहा जोखिम; आगरा में विशेषज्ञों ने किया जागरूक
आगरा: हार्ट अटैक अब केवल बढ़ती उम्र की समस्या नहीं रह गया है। कम उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, मोटापा, मधुमेह, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान और तनाव हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्डियोलॉजी आगरा लाइव 6.0 कार्यशाला में विशेषज्ञों ने इस विषय पर चर्चा की। इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी सोसाइटी के इस आयोजन के पहले दिन पद्मश्री डॉ. दलजीत सिंह गंभीर ने युवाओं की बदलती जीवनशैली पर चिंता जताई।
डॉ. गंभीर के अनुसार, फास्ट फूड खाने, देर रात तक जागने, पर्याप्त नींद नहीं लेने और लगातार तनाव में रहने जैसी आदतें हृदय स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं। नौकरीपेशा युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले देखे जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि हार्ट अटैक के मरीजों में लगभग 20 प्रतिशत 40 वर्ष से कम उम्र के और करीब 7 प्रतिशत 30 वर्ष से कम उम्र के हैं।
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए क्या जरूरी है?
विशेषज्ञों के अनुसार, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और धूम्रपान से दूरी हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच भी जोखिम पहचानने में मदद कर सकती है।

