भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति को लेकर बड़ा फैसला किया है। RBI की MPC ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करते हुए इसे 5.50% कर दिया है। इससे पहले पॉलिसी रेपो रेट 5.25% था।
रेपो रेट में यह बढ़ोतरी करीब चार साल में पहली बार हुई है। RBI का यह कदम ऐसे समय आया है जब देश में महंगाई के दबाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर चिंता बढ़ी हुई है।
रेपो रेट में बढ़ोतरी का असर बैंकिंग सिस्टम के जरिए ग्राहकों के कर्ज पर पड़ सकता है। खासकर फ्लोटिंग रेट वाले होम लोन और कार लोन की ब्याज दरों में बदलाव की संभावना रहती है। इसके चलते आने वाले समय में कुछ ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है।
हालांकि, RBI के फैसले का वास्तविक असर अलग-अलग बैंकों और ग्राहकों के लोन एग्रीमेंट पर निर्भर करेगा।

