भारत सरकार के डिजिटल दस्तावेज़ मंच DigiLocker ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्लेटफॉर्म ने देशभर की 68 बिजली वितरण कंपनियों और ऊर्जा विभागों को अपने साथ जोड़ते हुए नागरिकों के लिए बिजली बिलों की डिजिटल उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है।
इस एकीकरण के बाद उपभोक्ता अपने प्रमाणित बिजली बिल सीधे DigiLocker खाते में प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल दस्तावेजों के रखरखाव में आसानी होगी बल्कि विभिन्न सरकारी और निजी कार्यों के दौरान बिलों के सत्यापन की प्रक्रिया भी तेज और पारदर्शी बनेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल गवर्नेंस को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ नागरिक सेवाओं को अधिक सुविधाजनक और तकनीक आधारित बनाने में मदद करेगा। इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा क्योंकि कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता कम होगी।

