केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को तकनीक आधारित बनाने के लिए SARTHAK-PDS योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए अगले पांच वर्षों में ₹25,530 करोड़ खर्च किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य राशन वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना है।
सरकार के अनुसार, इस नई व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया जाएगा। इससे खाद्यान्न के परिवहन, भंडारण और वितरण पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी। लाभार्थियों के सत्यापन से लेकर शिकायत निवारण तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगी।
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। साथ ही, पात्र लाभार्थियों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य देश के करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी सेवा प्रदान करना है।
SARTHAK-PDS योजना को भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

