वैश्विक तेल बाजार में इस समय भारी उथल-पुथल देखी जा रही है। युद्ध संकट के चलते कच्चे तेल की कीमतें $115 प्रति बैरल के स्तर को पार कर चुकी हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में तेजी आने के संकेत मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेल सप्लाई में बाधा और प्रमुख क्षेत्रों में अस्थिरता के कारण यह उछाल देखने को मिल रहा है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो कीमतें और बढ़ सकती हैं।
इसका असर भारत समेत दुनिया के कई देशों पर पड़ेगा, जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से महंगाई में इजाफा होगा। परिवहन लागत बढ़ने से रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो सकती हैं, जिससे आम जनता को आर्थिक झटका लग सकता है।

