बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद यह उनका पहला बड़ा संवैधानिक निर्णय माना जा रहा है।
भारतीय संविधान के प्रावधानों के अनुसार कोई भी नेता एक साथ दो अलग-अलग सदनों का सदस्य नहीं रह सकता। इसी नियम का पालन करते हुए नीतीश कुमार ने अपनी MLC सदस्यता छोड़ दी। यह प्रक्रिया राज्यसभा में उनकी औपचारिक एंट्री के लिए आवश्यक थी।
इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है। हालांकि अभी तक मुख्यमंत्री पद पर उनके बने रहने को लेकर कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन उनके इस कदम को भविष्य की राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। यह भी माना जा रहा है कि केंद्र और राज्य की राजनीति में उनकी भूमिका और मजबूत हो सकती है।

