उत्तराखंड

चारधाम कपाट बंद होने के बाद भी उत्तराखंड रहेगा गुलजार, शीतकालीन यात्रा से जगेगी पर्यटन की नई उम्मीद

चारधाम यात्रा का समापन उत्तराखंड के लिए पर्यटन सीजन का अंत नहीं, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है। चारधामों के कपाट बंद होने के बाद राज्य में शुरू होगी “शीतकालीन यात्रा”, जिसके जरिए श्रद्धालु उन स्थानों पर दर्शन कर सकेंगे जहां देवताओं की पूजा शीतकाल में संपन्न होती है।

पर्यटन विभाग के अनुसार, इस बार शीतकालीन यात्रा को और अधिक भव्य बनाने की योजना तैयार की गई है। यात्रा मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है, होटलों और धर्मशालाओं को सजाया जा रहा है तथा सुरक्षा प्रबंधों को दुरुस्त किया जा रहा है।

राज्य के मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक प्रवास स्थल को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से सुसज्जित किया जाए, ताकि श्रद्धालु दिव्यता और शांति का अनुभव कर सकें।

इस यात्रा से न केवल धार्मिक भावना को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापारियों, होटल संचालकों और ट्रैवल एजेंसियों को भी आर्थिक संबल मिलेगा।

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