RBI का डिजिटल जमाने की ओर कदम: 4 अक्टूबर से रियल टाइम चेक क्लियरेंस शुरू, ऐसे बदल जाएगी बैंकिंग व्यवस्था

डिजिटल इंडिया की दिशा में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सिस्टम में एक और बड़ा सुधार किया है। RBI ने 4 अक्टूबर 2025 से फास्ट चेक क्लियरेंस सिस्टम (FCCS) को लागू करने की घोषणा की है, जो देशभर में चेक क्लियरेंस प्रक्रिया को लगातार (continuous) और स्वचालित बनाएगा।
🔹 क्यों लाया गया नया सिस्टम?
आरबीआई का कहना है कि पुरानी प्रणाली “बैच प्रोसेसिंग” पर आधारित थी, जिसमें देरी की संभावना बनी रहती थी। अब नई व्यवस्था से टाइम-लैग खत्म होगा, जिससे भुगतान उसी दिन पूरा हो सकेगा।
🔹 नया सिस्टम कैसे काम करेगा?
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सभी बैंकों को अपने चेक प्रोसेसिंग सिस्टम को “रियल टाइम क्लियरिंग” से जोड़ना होगा।
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क्लियरिंग हाउस अब सुबह 11 बजे से हर घंटे सेटलमेंट करेगा।
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ड्रॉई बैंक को शाम 7 बजे तक अनिवार्य रूप से प्रतिक्रिया देनी होगी।
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प्रतिक्रिया न देने की स्थिति में, सिस्टम स्वचालित रूप से चेक को पास (auto-approve) कर देगा।
🔹 चरणबद्ध लागूकरण
यह व्यवस्था दो चरणों में लागू की जाएगी—
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पहला चरण (4 अक्टूबर–2 जनवरी): प्रतिक्रिया समय 7 बजे तक।
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दूसरा चरण (3 जनवरी 2026 से): प्रतिक्रिया समय घटाकर 3 घंटे।
🔹 प्रभाव
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भुगतान का समय घटकर 2–6 घंटे रह जाएगा।
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बैंकों की प्रोसेसिंग दक्षता बढ़ेगी।
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फर्जीवाड़े और मैनुअल देरी की संभावनाएं घटेंगी।
यह कदम भारतीय बैंकिंग को पूरी तरह डिजिटल और फास्ट मोड में ले जाने की दिशा में अहम साबित होगा।




