नेपाल में शनिवार को अहम राजनीतिक घटनाक्रम हुआ। कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुषिला कार्की ने अपने मंत्रिपरिषद के गठन के बाद संसद भंग करने की सिफारिश राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को सौंपी थी। राष्ट्रपति ने इस सिफारिश को स्वीकार कर लिया और प्रतिनिधि सभा को तुरंत प्रभाव से भंग कर दिया।
संसद भंग होने के साथ ही नेपाल में अब नए आम चुनाव की राह साफ़ हो गई है। राष्ट्रपति के क़ानूनी सलाहकार बाबूराम कुंवर ने पुष्टि की कि यह फैसला पूरी तरह संवैधानिक प्रावधानों के तहत लिया गया है। चुनाव आयोग ने 5 मार्च 2026 को आम चुनाव कराने का ऐलान कर दिया है।
गौरतलब है कि सुषिला कार्की नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री बनी हैं। वे पहले देश की मुख्य न्यायाधीश भी रह चुकी हैं। वर्तमान राजनीतिक संकट और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए यह निर्णय नेपाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है।

