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17 वर्षों की सजा के बाद अरुण गवली को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

मुंबई के डॉन से नेता बने अरुण गवली को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बुधवार को नागपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया।
2007 में शिवसेना पार्षद कमलाकर जामसांडेकर की हत्या के मामले में उन्हें आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि गवली पहले ही 17 साल जेल में बिता चुके हैं और उनकी अपील अब तक सुनवाई के इंतजार में है।
अदालत ने ट्रायल कोर्ट की शर्तों पर ही उनकी जमानत मंजूर की।
जेल से बाहर आते ही उनका परिवार, वकील और समर्थक उनका इंतजार कर रहे थे।




