नवरात्रि में हेल्दी रहने के लिए चुनें सही व्रत फूड, इन 10 चीजों की खूबियां जानें

Local Samachaar
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नवरात्रि के दौरान खानपान में बदलाव आम है। कुछ लोग पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं, जबकि कुछ पहले और आखिरी दिन उपवास करते हैं। इस दौरान साबूदाना, सामक चावल, कुट्टू, राजगिरा, आलू, शकरकंद, दही और मूंगफली जैसे खाद्य पदार्थ खूब खाए जाते हैं।

लेकिन क्या व्रत में खाई जाने वाली हर चीज शरीर को समान पोषण देती है? ऐसा नहीं है। कुछ खाद्य पदार्थ मुख्य रूप से ऊर्जा देते हैं, कुछ प्रोटीन और फाइबर की जरूरत पूरी करने में मदद करते हैं और कुछ विटामिन व खनिज उपलब्ध कराते हैं। किसी फूड को पूरी तरह अच्छा या खराब कहने के बजाय यह समझना जरूरी है कि वह शरीर की किस जरूरत को पूरा करता है।

1. राजगिरा: पोषण के मामले में मजबूत दावेदार

राजगिरा में प्रोटीन, फाइबर और खनिज पाए जाते हैं। व्रत के दौरान इसे रोटी या दूसरे व्यंजनों के रूप में खाया जा सकता है। हालांकि, राजगिरा के लड्डू में चीनी और घी की मात्रा भी कुल कैलोरी को प्रभावित करती है।

2. दही: प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा विकल्प

सादा दही शरीर को प्रोटीन और कैल्शियम देता है। इसे सामक चावल या अन्य व्रत के भोजन के साथ लिया जा सकता है। जिन लोगों को दूध से एलर्जी या लैक्टोज असहिष्णुता है, उन्हें अपनी सहनशीलता के अनुसार विकल्प चुनना चाहिए।

3. मूंगफली: कम मात्रा में भी ऊर्जा

मूंगफली में प्रोटीन और असंतृप्त फैट होता है। यह भोजन को अधिक संतोषजनक बनाने में मदद कर सकती है। लेकिन इसकी कैलोरी अधिक होती है, इसलिए जरूरत से ज्यादा खाना ठीक नहीं।

4. कुट्टू: प्रोटीन और फाइबर का स्रोत

कुट्टू के आटे से रोटी और अन्य व्यंजन बनाए जाते हैं। इसे कम तेल में तैयार करना बेहतर है। कुट्टू की पूरियां बार-बार खाने के बजाय रोटी चुनने से तेल की मात्रा कम रखी जा सकती है।

5. सामक चावल: ऊर्जा के साथ दूसरे पोषक तत्व

सामक चावल व्रत में अनाज के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट के अलावा कुछ प्रोटीन और फाइबर भी मिलते हैं। इसे उचित मात्रा में खाना बेहतर है।

6. शकरकंद: फाइबर और बीटा-कैरोटीन

शकरकंद में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और बीटा-कैरोटीन मिलता है। इसे उबालकर या भूनकर खाने से तेल की जरूरत कम रहती है।

7. मखाना: हल्का स्नैक

मखाना व्रत में लोकप्रिय है और इसमें कुछ प्रोटीन व खनिज होते हैं। इसे कम घी में भूनकर खाया जा सकता है। इसकी पोषण क्षमता को बढ़ा-चढ़ाकर आंकने के बजाय इसे संतुलित डाइट का एक हिस्सा समझें।

8. आलू: ऊर्जा का स्रोत

आलू में कार्बोहाइड्रेट होता है और इसमें पोटैशियम भी पाया जाता है। उबला आलू या कम तेल में बनी सब्जी, डीप फ्राई किए गए चिप्स के मुकाबले बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

9. साबूदाना: ऊर्जा ज्यादा, प्रोटीन कम

साबूदाना मुख्य रूप से स्टार्च देता है। इसमें प्रोटीन और फाइबर बहुत कम होते हैं। इसलिए साबूदाना खिचड़ी में मूंगफली शामिल करना और साथ में दही लेना भोजन को अधिक संतुलित बनाने का तरीका हो सकता है।

10. फल: विटामिन और फाइबर के लिए जरूरी

फल शरीर को विटामिन, खनिज और फाइबर देते हैं। फल का चुनाव बदलते रहने से अलग-अलग पोषक तत्व मिल सकते हैं। जूस के बजाय साबुत फल खाना फाइबर के लिहाज से बेहतर है।

निष्कर्ष: व्रत की थाली में विविधता है सबसे जरूरी

नवरात्रि में किसी एक फूड को हर लिहाज से नंबर वन मानना सही नहीं है। राजगिरा, कुट्टू, दही और मूंगफली प्रोटीन के लिहाज से उपयोगी हैं, जबकि फल और शकरकंद फाइबर व अन्य पोषक तत्व देते हैं। साबूदाना और आलू भी डाइट का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन इन्हीं पर निर्भर रहना सही नहीं होगा।

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