राम मंदिर निर्माण को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को कानूनी नोटिस भेजकर पिछले पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मंदिर निर्माण के लिए प्राप्त दान राशि के उपयोग को लेकर विपक्षी नेताओं द्वारा लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
सुधाकर सिंह ने अपने नोटिस में कहा है कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं का प्रतीक है। ऐसे में ट्रस्ट को दान राशि के उपयोग और निर्माण कार्यों पर हुए खर्च की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने वर्ष 2021 से 2026 तक की ऑडिट रिपोर्ट, आय-व्यय विवरण और वित्तीय दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है।
वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दावा किया है कि उसकी सभी वित्तीय गतिविधियां कानून और नियमानुसार संचालित होती हैं। ट्रस्ट का कहना है कि नियमित ऑडिट प्रक्रिया के तहत सभी खातों की जांच होती है और किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में ट्रस्ट की प्रतिक्रिया और संभावित जांच रिपोर्ट इस विवाद की दिशा तय कर सकती है।

