चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, लेकिन इस बार प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी कड़ी में 50 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं के लिए ECG सहित स्वास्थ्य जांच को जरूरी बनाया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रा के दौरान ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी और ठंड का असर बुजुर्गों के लिए गंभीर हो सकता है।
दूसरी ओर, केदारनाथ धाम में अभी भी बर्फ का असर साफ देखा जा सकता है। मंदिर क्षेत्र और आसपास के इलाकों में लगभग 4 फीट तक बर्फ जमी हुई है, जिससे रास्तों को साफ करने में समय लग रहा है। प्रशासन लगातार मशीनों और कर्मचारियों की मदद से बर्फ हटाने में जुटा हुआ है।
यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार श्रद्धालुओं से अपील कर रही है कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और स्वास्थ्य संबंधी लापरवाही न बरतें।

