मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव तेजी से बढ़ रहा है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागीं, जिसके बाद क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। मिसाइल हमलों के चलते इजरायल में आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई और कई इलाकों में नागरिकों को सुरक्षित ठिकानों में रहने के निर्देश दिए गए।
इजरायल ने भी इन हमलों के जवाब में सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव के कारण मध्य पूर्व में युद्ध जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। खाड़ी क्षेत्र दुनिया के लिए तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का बड़ा केंद्र है। यदि यहां तनाव बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि स्थिति नियंत्रण से बाहर होती है तो इससे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और कई देशों की ऊर्जा नीति पर पड़ सकता है।

