शिक्षा पर संकट: उत्तराखंड के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी

Local Samachaar
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उत्तराखंड के उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की कमी अब एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है। राज्य के सात प्रमुख विश्वविद्यालयों में 708 शिक्षकों के पद रिक्त हैं, जिससे न केवल पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि छात्रों का भविष्य भी दांव पर लगा हुआ है।

कई विभाग ऐसे हैं जहां नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। परिणामस्वरूप छात्रों को सीमित कक्षाएं, अधूरा सिलेबस और पर्याप्त अकादमिक मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा। शिक्षा से जुड़े जानकारों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो राज्य के विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर पिछड़ सकते हैं।

इस बीच, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने 808 प्रवक्ता पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भर्ती सरकारी कॉलेजों में की जाएगी और इसे शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि नई नियुक्तियों से शिक्षकों की कमी कुछ हद तक पूरी होगी और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।

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