उत्तराखंड सरकार गढ़वाल और कुमाऊं को जोड़ने वाले पुराने पैदल मार्ग को अब ‘नंदा-सुनंदा परिपथ’ के रूप में विकसित करने जा रही है। यह मार्ग लंबे समय से स्थानीय निवासियों और यात्रियों के लिए उपयोग में रहा है, लेकिन अब इसे सुनियोजित तरीके से पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना है। परिपथ पर पड़ने वाले धार्मिक स्थल, प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक स्थानों को भी प्रमुखता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे उत्तराखंड को एक प्रमुख ट्रेकिंग और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान मिलेगी।
पर्यटन और संस्कृति का संगम: गढ़वाल-कुमाऊं को जोड़ने वाला मार्ग बनेगा ‘नंदा-सुनंदा परिपथ’

