शिक्षा व्यवस्था में भारतीयता को बढ़ावा देने के लिए एनसीईआरटी ने नई पहल की है। अब स्कूलों में साइंस की पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों से भी परिचित कराया जाएगा।
यह नया सिलेबस न केवल जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक उपचार पद्धतियों की जानकारी देगा, बल्कि यह भी समझाएगा कि आयुर्वेद का विज्ञान मानव शरीर, मानसिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के संतुलन को कैसे बनाए रखता है।
इस निर्णय के बाद अब आने वाले शैक्षणिक सत्र से साइंस की किताबों में आयुर्वेद पर अध्याय जोड़े जाएंगे। शिक्षा जगत के जानकारों का मानना है कि यह पहल भारत की प्राचीन चिकित्सा प्रणाली को वैज्ञानिक रूप से समझने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

