केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश को नशीले पदार्थों की समस्या से मुक्त करने के लिए पुलिस बलों और संबंधित एजेंसियों से एकजुट होकर काम करने की अपील की है। बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर दिल्ली के नेशनल पुलिस मेमोरियल में उन्होंने 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाने का लक्ष्य दोहराया।
शाह ने कहा कि ड्रग्स का खतरा पूरे देश के लिए गंभीर चुनौती है। इसका असर युवा पीढ़ी के भविष्य, देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार देश विरोधी गतिविधियों में शामिल संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचाने का माध्यम भी बनता है।
2026 से 2029 तक सामूहिक प्रयासों पर जोर
गृह मंत्री ने वर्ष 2026 के शेष महीनों और उसके बाद के तीन वर्षों में नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने पुलिस बलों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशा-मुक्त भारत के लक्ष्य के अनुरूप काम करने का आग्रह किया।
उनके अनुसार, इस चुनौती से निपटने के लिए केवल किसी एक विभाग के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे। विभिन्न एजेंसियों और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है, ताकि नशीले पदार्थों की तस्करी और उनके अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
आने वाली पीढ़ियों को बचाने पर जोर
अमित शाह ने कहा कि ड्रग्स का दुष्प्रभाव लंबे समय तक समाज और युवाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए नशे के खिलाफ अभियान को प्राथमिकता देना जरूरी है।
उन्होंने पुलिस बलों से लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहकर काम करने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने की अपील की। सरकार की ओर से निर्धारित समयसीमा तक इस दिशा में किए जाने वाले प्रयासों और उनकी प्रगति पर नजर रहेगी।

