भारत के शेयर बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब 30,213 करोड़ रुपये के इस सार्वजनिक निर्गम को देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनने की दिशा में अहम माना जा रहा है। बुधवार को इश्यू खुलते ही पात्र संस्थागत खरीदारों की ओर से मजबूत मांग देखने को मिली।
शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 10 बजे तक क्यूआईबी श्रेणी में आरक्षित शेयरों के मुकाबले 2.86 गुना बोलियां आ चुकी थीं। इस श्रेणी के लिए 4,90,07,827 शेयर रखे गए हैं। इश्यू खुलने के लगभग 10 मिनट में ही क्यूआईबी हिस्सा पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था और आधे घंटे से पहले ही मांग दो गुना से ज्यादा पहुंच गई।
हुंडई मोटर इंडिया के आईपीओ से बड़ा इश्यू
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के इश्यू को पीछे छोड़ सकता है। जियो इस पेशकश के माध्यम से लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसमें कंपनी नए शेयर जारी करेगी और मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयर बेचने का कोई ओएफएस घटक नहीं है।
आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला है और 23 अक्टूबर को बंद होगा। इस अवधि में निवेशक निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।
शुरुआती सब्सक्रिप्शन पर बाजार की नजर
आईपीओ के शुरुआती आंकड़े संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी दिखाते हैं। हालांकि, कुल इश्यू की मांग अलग-अलग श्रेणियों में निवेशकों की बोलियों के साथ बदलती रहती है। इसलिए निवेशकों के लिए अंतिम दिन तक के सब्सक्रिप्शन आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह इश्यू आकार के लिहाज से भारतीय पूंजी बाजार के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अंतिम सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग से जुड़े घटनाक्रम पर बाजार की नजर बनी रहेगी।

