भारत को अंतरिक्ष से बड़े क्षेत्र की निगरानी की नई क्षमता मिलने जा रही है। ISRO 4 सितंबर को GSLV-F17 रॉकेट से EOS-05 सैटेलाइट को लॉन्च करेगा। रॉकेट सुबह 2:55 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरेगा।
EOS-05 एक अत्याधुनिक अर्थ-ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है और ISRO के मुताबिक यह भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट होगा जो जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से काम करेगा। इसकी मदद से बड़े इलाके की तस्वीरें बार-बार प्राप्त की जा सकेंगी।
इस सैटेलाइट का इस्तेमाल सिर्फ सामान्य तस्वीरें लेने तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम और पर्यावरण की निगरानी, बाढ़ और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं का आकलन तथा जंगलों में आग जैसी घटनाओं की निगरानी में भी इसकी क्षमता उपयोगी होगी।
रिपोर्टों में कहा गया है कि इसकी ऊंची जियोसिंक्रोनस कक्षा के कारण भारत के बड़े हिस्से पर लगातार नजर रखने की क्षमता बढ़ेगी। सीमावर्ती क्षेत्रों की गतिविधियों की निगरानी में भी इससे मिलने वाली व्यापक तस्वीरें सहायक हो सकती हैं, हालांकि ISRO ने मिशन को मुख्य रूप से Earth Observation मिशन के रूप में बताया है।
