प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच नीस में हुई उच्चस्तरीय बैठक कई महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ संपन्न हुई। दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर ‘Innovation Roadmap 2030’ को अपनाते हुए तकनीकी और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने का फैसला किया। इसके साथ ही आर्थिक सुरक्षा पर केंद्रित एक नए द्विपक्षीय संवाद की भी शुरुआत की गई।
बैठक में दोनों नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। भारत और फ्रांस का मानना है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था नवाचार और प्रौद्योगिकी पर आधारित होगी, इसलिए दोनों देशों के बीच ज्ञान और तकनीक का आदान-प्रदान बढ़ाना आवश्यक है।
नेताओं ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने पर भी चर्चा की। इसके अलावा रक्षा उत्पादन, अंतरिक्ष अनुसंधान और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। यह बैठक भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

