देश में महंगाई का दबाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हो गई है, जिसका असर अब भारतीय बाजारों में साफ दिख रहा है। ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, पिस्ता और खजूर की कीमतों में 50% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
व्यापारियों के अनुसार, आयात में रुकावट और लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण इन उत्पादों की उपलब्धता कम हो गई है। इसके अलावा त्योहारों के चलते मांग में तेजी आने से कीमतों में और उछाल आया है।
दूसरी तरफ, दवा उद्योग भी इससे प्रभावित हुआ है। पैरासिटामॉल जैसी आम दवाओं के कच्चे माल की लागत करीब 47% तक बढ़ गई है। हालांकि अभी उपभोक्ताओं को इसका पूरा असर नहीं दिखा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जल्द ही दवाओं के दाम भी बढ़ सकते हैं।

