सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में आई आपदाओं को लेकर गंभीर रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में हो रही अवैध पेड़ कटाई से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ा है, जिसके चलते बाढ़ और भूस्खलन जैसी त्रासदियां आईं।
मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह एक बेहद गंभीर मामला है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश में बाढ़ के पानी के साथ बहकर आई लकड़ियों के वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सीधे-सीधे अवैध कटाई का संकेत है।
कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और सभी संबंधित राज्यों को नोटिस जारी किया और कहा कि दो हफ्तों के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल किया जाए। इसके साथ ही सॉलिसिटर जनरल से सुधारात्मक कदम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

