31 मई 2026 की रात खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए बेहद खास साबित हुई। इस दिन आसमान में दुर्लभ ‘ब्लू मून’ दिखाई दिया, जिसने लाखों लोगों को आकर्षित किया। यह घटना तब होती है जब एक ही कैलेंडर महीने में दूसरी बार पूर्णिमा पड़ती है।
ब्लू मून को लेकर लोगों में हमेशा उत्सुकता बनी रहती है क्योंकि यह कोई नियमित खगोलीय घटना नहीं है। सामान्य तौर पर एक महीने में केवल एक बार पूर्णिमा होती है, लेकिन कभी-कभी कैलेंडर की संरचना के कारण एक ही महीने में दो पूर्ण चंद्रमा दिखाई देते हैं। दूसरी पूर्णिमा को ही ब्लू मून कहा जाता है।
इस बार का ब्लू मून वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि यह माइक्रोमून की श्रेणी में शामिल था। पृथ्वी से अधिक दूरी पर होने के कारण इसका आकार थोड़ा छोटा और चमक अपेक्षाकृत कम दिखाई दी, फिर भी इसकी खूबसूरती ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भारत, अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई हिस्सों में लोगों ने खुले आसमान के नीचे इस दुर्लभ घटना को देखा। कई फोटोग्राफरों ने इसकी शानदार तस्वीरें कैद कीं, जो सोशल मीडिया पर खूब चर्चा का विषय बनीं।
खगोलविदों का मानना है कि ऐसी घटनाएं केवल मनोरंजन का साधन नहीं होतीं, बल्कि यह लोगों को ब्रह्मांड और उसके रहस्यों के प्रति जागरूक भी बनाती हैं। ब्लू मून 2026 इसी तरह का एक अविस्मरणीय खगोलीय अनुभव बन गया।

