Russia ने 1 अप्रैल 2026 से पेट्रोल निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है, जो अगले चार महीनों तक प्रभावी रहेगा। इस कदम से खास तौर पर China और Turkey जैसे देशों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।
ये देश रूस से बड़े पैमाने पर पेट्रोल और तेल उत्पादों का आयात करते हैं। ऐसे में सप्लाई में कमी आने से इन देशों को वैकल्पिक स्रोत तलाशने पड़ सकते हैं, जिससे लागत भी बढ़ सकती है।
रूस सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला पूरी तरह से घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया है। हालांकि, इस कदम से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

