यरुशलम की ऐतिहासिक Al-Aqsa Mosque में ईद के अवसर पर इस बार असामान्य हालात देखने को मिले। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने मस्जिद परिसर में प्रवेश को सीमित कर दिया, जिससे हजारों श्रद्धालु नमाज अदा नहीं कर सके।
इस बीच, कई प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा तेजी से फैल गया कि 60 साल में पहली बार मस्जिद को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार यह दावा अतिरंजित है।
वास्तव में, मस्जिद को पूरी तरह बंद नहीं किया गया था, बल्कि केवल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीमित संख्या में लोगों को ही प्रवेश दिया गया।
इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की संवेदनशीलता और वहां के राजनीतिक हालात को उजागर किया है।

